Sir Airffic Goइतिहास रटने के लिए नहीं है। हर दौर क्यों बदला, यह समझें, तो अगले दस साल पढ़ सकेंगे।
चार दौर
- 2006–2012 लैब का दौर
यूनिवर्सिटी कैमरा और IMU से जगह का अंदाज़ा लगाती हैं - 2013–2016 कैमरा ड्रोन का दौर
DJI पैमाने से जीतती है; रुकावट सेंसर आते हैं - 2017–2021 बिज़नेस और नियमों का दौर
जाँच और डिलीवरी शुरू; अमेरिका DJI से दूर होता है - 2022–2026 रक्षा और फ़ाउंडेशन मॉडल का दौर
युद्ध से ऑटोनॉमी तेज़; AI जो देखे, सोचे और उड़े
दौर 1 (2006–2012): लैब
ड्रोन का दिमाग यूनिवर्सिटी लैब में रहता था। कैमरा और IMU से छोटे विमान की जगह का अंदाज़ा लगाने पर एक के बाद एक रिसर्च आई।
तेज़ और सटीक उड़ानों के वीडियो दुनिया भर में फैले और यह सोच बनी कि ड्रोन खुद उड़ सकते हैं।
इस दौर में छपे एल्गोरिदम बाद में प्रोडक्ट के पुर्ज़े बने। खुली रिसर्च ने बाज़ार की नींव रखी।
दौर 2 (2013–2016): कैमरा बूम
चीन की DJI ने उड़ने को तैयार कैमरा ड्रोन भारी मात्रा में बनाए और जल्दी ही दुनिया का बाज़ार जीत लिया।
Amazon ने डिलीवरी ड्रोन की योजना बताई और Google ने डिलीवरी टेस्ट शुरू किए। उम्मीद बढ़ी कि आसमान काम की जगह बनेगा।
लगभग 2016 में आम लोगों के विमानों पर रुकावट पहचानने वाले सेंसर आ गए। दिमाग लैब से निकलकर बड़े पैमाने के प्रोडक्ट में पहुँच गया।
दौर 3 (2017–2021): बिज़नेस और नियम
जाँच, सर्वे और डिलीवरी में इस्तेमाल तेज़ी से बढ़ा। अमेरिका में Part 107 (2016) ने कमर्शियल इस्तेमाल के नियम बनाए, और डिलीवरी कंपनियाँ एयर कैरियर सर्टिफ़िकेशन लेने लगीं।
उधर सुरक्षा की चिंताओं से अमेरिका ने DJI पर पाबंदियाँ कड़ी कीं, और पैसा गैर-चीनी विमानों और ऑटोनॉमी सॉफ़्टवेयर की ओर बहने लगा।
इस दौर की कीमत भरोसा थी: सुरक्षित उड़ान, सुरक्षित डेटा और नियमों का पालन ख़रीदने की वजह बन गए।
दौर 4 (2022–2026): रक्षा और फ़ाउंडेशन मॉडल
यूक्रेन युद्ध ने सस्ते ऑटोनॉमस ड्रोन और एंटी-ड्रोन तकनीक की माँग में विस्फोट कर दिया। रक्षा स्टार्ट-अप में भारी रकम आई।
2023 में एक AI ड्रोन ने इंसानी रेसिंग चैंपियनों को हराया, और फ़ाउंडेशन मॉडल रोबोट के दिमाग का काम करने लगे।
अमेरिका ने BVLOS के नए नियम और ड्रोन उद्योग के समर्थन में सरकारी आदेश (executive orders) जारी किए। ऑटोनॉमी, नियम और सुरक्षा अब एक साथ चलते हैं।
Sir Airffic Goचौथा दौर ख़त्म नहीं हुआ है। हमारा अंदाज़ा है कि अगला मुख्य किरदार वे सिस्टम होंगे जो पूरे आसमान में कई समझदार विमानों को सुरक्षित चलाएँगे। यह हमारी व्याख्या है; सबूत न्यूज़ टाइमलाइन में हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
ऑटोनॉमस ड्रोन उड़ान पर रिसर्च कब शुरू हुई?
2000 के दशक के आख़िर से यूनिवर्सिटी लैब ने छोटे ड्रोन के लिए कैमरा-और-IMU से अपनी जगह पता करने और खुद उड़ने पर रिसर्च तेज़ की; 2010 के दशक के बीच से आम लोगों के विमानों में रुकावट से बचाव आने लगा।